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स्ट्रेचिंग के साथ स्क्वाट एक्सरसाइज को आसान बनाएं Make squat exercises easier with stretching



स्‍ट्रे‍चिंग की मदद से बनायें स्क्‍वैट एक्‍सरसाइज को आसान


स्‍क्‍वैट से कमर के नीचे के अंग (हिप्‍स, जांघें, घुटने आदि) मजबूत होते हैं, लेकिन यह पेट के लिए भी कारगर व्‍यायाम है। चूंकि इसे करते वक्‍त शरीर का सारा भार पैरों पर होता है, इसलिए इसे आसान व्‍यायाम नहीं माना जाता है। लेकिन अगर स्‍क्‍वैट करने से पहले शरीर के कुछ अंगों की स्‍ट्रेंचिंग की जाये तो कठिन लगने वाला स्‍क्‍वैट भी आसान व्‍यायाम बना जाता है।

अपने कूल्‍हों, घुटनों और टखनों में मजबूती एक्‍सरसाइज के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण होती है। इन अंगों को मजबूत बनाकर आप अपनी स्‍क्‍वैट की क्षमता में सुधार कर सकते हैं।

टखना

हो सकता है कि आपके लिए लोहे के दंड के बिना पैरों की उंगलियों पर खड़े होकर एक्‍सरसाइज करने का विचार अच्‍छा न लगता हो। लेकिन ऐसा करने से एक्‍सरसाइज के दौरान टखने को पर्याप्‍त मुड़ने और घुटनों को पैरों की उंगलियों के पास आने में परेशानी होती है। और इससे आपका स्‍क्वैट सीमित हो जाता है। इसलिए खुद को सही पॉजिशन में लाने और टखनों को मजबूत करने के लिए, आपको अपनी लिफ्टिंग को खत्‍म करते समय एडि़यों को जमीन से ऊपर उठाना चाहिए।

इसके लिए आप रेजिस्टेंस बैंड का उपयोग भी कर सकते हैं, जो जोड़ में अतिरिक्‍त जगह को कम कर, ऊपरी टखने की मदद करता है। इससे आपके टखने को बाहर प्रेस करने और आपके पैर के अंगूठे को स्‍नायुजाल हिस्‍से से अधिक लचीला बनाने में मदद मिलती है।

घुटना

कमजोर घुटना आपके शरीर के अन्‍य भागों में, विशेष रूप से एडि़यों और कूल्‍हों पर अनुचित दबाव डालता है। इससे चोट का खतरा बढ़ जाता है और वजन उठाने के लिए अधिकतम मसल्‍स की जरूरत पड़ती है। लेकिन आप तौलिया या घुटने के पीछे हाथ रखकर अपने घुटनों की मजबूती में सुधार कर सकते हैं। ऐसा करना आपको नियमित रूप से होने वाले स्‍ट्रेच की तुलना में अधिक स्‍ट्रेच करने में मदद करता है।

कूल्हा (हिप्‍स)

स्‍क्‍वैटिंग की बात आने पर हिप्‍स में टाइटनेस लोगों के लिए सबसे प्रमुख होता है। स्‍क्‍वैटिंग के लिए, आपको हिप्‍स को खोलने की जरूरत होती है और स्‍पीड के लिए अधिक रेंज की जरूरत होती है। क्‍योंकि टाइट हिप्‍स के कारण आपकी रीढ़ पर चोट लगने का जोखिम बढ़ जाता है। लेकिन बैंड से जुड़े मूवमेंट का इस्‍तेमाल करने से आपको काफी मदद मिल सकती है। इसके अलावा पीठ के बल लेटने और अधिक दबाव के बिना भी रेजिस्टेंस बैंड की मदद से आप डीप स्‍क्‍वैट पॉजिशन को अनुकूल बना सकते हैं।

यह स्‍ट्रेच आपके हिप्‍स, टखने और घुटने का लचीलापन और गतिशीलता में बहुत मददगार होते हैं और साथ ही जो स्‍क्‍वैट को अच्‍छे तरह से करने की जरूरत भी होते हैं। स्‍क्‍वैटिंग के लिए लचीलेपन और गतिशीलता की जांच कर आप अपने वर्कआउट में सुधार को प्रतिबिंबित कर सकते हैं।

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